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insaan

Written By:  on April 4, 2013 No Comment

Your Name: prateek jain

इंसान

किसने हर मोड़ पर दैरों -हरम रख छोड़े ,
खाक मरियम पे बताओ के उड़ाई किसने l

तकसीम किसने किया दश्त ये रेज़ा रेज़ा ,
खुदा के नाम पर दीवार बनाई किसने l

कौन मशरूफ नमाज़ों में हुआ रहता है ,
उसके सीने पर तलवार चलाई किसने l

खुदा ने जिसके हाथों में थमाई रोटी,
जो अब उसने न खाई तो खाई किसने

शेहर सारा तो एहराम लिए फिरता है ,
उस घर में कहो आग लगाई किसने l

हज़ारों चहरे रखते हो अपने चेहरे पर
तुमको जीने की तरकीब सिखाई किसने l

बैठकर अपनी ही फितरत पे फिकरे कसना ,
ये अबस बातें तुमको ‘जैन ‘ बताई किसने l
प्रतीक जैन

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